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Jul 26, 2020

साश्वत राष्ट्रप्रेम भावना


लाभ और हानि से बढ़कर है राष्ट्र  ,

जिंदगी की हार और जीत से बढ़कर है राष्ट्र  ,

राष्ट्रप्रेम

ऐ राष्ट्र !

है ये वचन मेरा .....


मेरी मृत्यु के आखिरी श्वास पर होगा नाम तेरा 

ह्रदय समर्पित , और यह जीवन भी समर्पित

उन गुमनाम वीरों के नाम .....

जिन्होंने ना जाना की परिवार क्या है !

जिन्होंने ना जाना की नाम क्या है !

जिन्होंने ना जाना की ख़ुशी क्या है !

जिन्हीने ना जाना अपना-पराया क्या है !


और कर गए सर्वस्व न्यौछावर इस राष्ट्र के नाम .........


देकर अपने खुशियों की तिलांजली ,

दे गए गुमनाम वीरगति को एक नाम ,

और वो पवित्र शब्द है बलिदान !


है वचन मेरा उन गुमनाम वीरों के नाम ,

ना टूटने दूंगा वो कड़ी ......

जो रही है राष्ट्रधर्म के बलिदानियों के नाम !

जो रही है राष्ट्र समर्पण के नाम ! 


हे राष्ट्र ....... 


तुझसे  लगन और तेरी ही  शरण ,

तू ही एकमात्र जीने का  सहारा , 

तू ही मेरे इस जीवन के नाव का किनारा  !


-आकाश आर्यावर्त