Oct 21, 2020
आगामी भयवाह कल
दिनांक २७ सितम्बर २०२७
समय सांयकाल ७ :००
समाचार प्रसारण - अभी अभी जानकारी मिली है की भारत के प्रधानमन्त्री की हत्या उनके सुरक्षा अधिकारी द्वारा कर दी गयी है
समय सांयकाल ७ :०३
समाचार प्रसारण - अभी अभी जानकारी मिली है की भारत के राष्ट्रपति की भी हत्या उनके एक सह सुरक्षा अधिकारी द्वारा कर दी गयी है
समय सांयकाल ७ :०६
समाचार प्रसारण - भारत के सभी मु***म बहुल राजों में मुख्यमंत्रियों की हत्या उनके सुरक्षा कर्मियों या सुरक्षा अधिकारीयों द्वारा कर दी गयी है
समय सांयकाल : अ**न का समय
समाचार प्रसारण - म***दों से भारत में गजवा - ऐ - हिन्द की घोषणा की जा रही | उपद्रवियों की भारी भीड़ हथियारों के साथ सड़कों पर निकल चुकी है | बहनों - बेटियों के साथ बलात्कार किया जा रहा है उसके बाद उनकी इ ****मी विचारधारा के अनुसार गला रेत कर मारा जा रहा है | भारत के कई हिस्सों में गृह युद्ध से हालत बन चुकें हैं | सरकार की कई तंत्र केन्द्रीय मंत्रियों की मृत्यु से निष्प्रभावी हो चुके हैं | कृपया अपनी सुरक्षा स्वयं करें |
( हमारी विचारधारा एक सीमा तक धर्मनिरपेक्ष थी जब तक हमने Our Moon Has Blood Clots - BY Rahul Pandita नहीं पढ़ी थी, जब तक हमने Delhi Riots 2020 :The Untold Story - By Monika Arona नहीं पढ़ी थी ,जब तक हमने भविष्य पुराण नहीं पढ़ी थी , जब तक हमने मस्जिदों के सम्मेलनों में गुप्तरूप से भाग नहीं लिया इत्यादि - इत्यादि | किन्तु जब वास्तविकता सम्मुख आई तो वह मृत्यु से भी कहीं अधिक भयवाह थी | कई तथ्यों - आयामों पर गहन अध्यन - विचार - विश्लेषण किया हमने और इस प्रकार हमारी धर्मनिरपेक्ष विचारधारा पुनः धर्म में विलीन हो कर धर्मोत्थान को पुनः समर्पित हो गयी | )
यह दुखद है की इनमे से बहुत सारी घटना का अभ्यास हो चूका है भारत में
कभी छोटे रूपों में ( कैराना - दिल्ली - बंगाल इत्यादि ) तो कभी बड़े रूपों में ( काश्मीर १९९० )
अब उन्हें प्रतीक्षा है तो वह है मात्र ......... क़यामत के दिन का ( जो पूर्व घोषित है )
प्रक्रिया के क्रियान्वन में उन्होंने शताब्दियाँ लगायी हैं
पहले उन्होंने पर्शिया को ईरान में बदला
कंधार को अफगानिस्तान में बदला
सिंध को पाकिस्तान में बदला
पर्वी बंगाल को बांग्लादेश में बदला
जम्मू -कश्मीर को भी काश्मीर में बदलना चाहा
बस ऐसे ही वो हमारे भारत माता के टुकड़े-टुकड़े कर रहे हैं और हम मानवता -धर्मनिरपेक्षता की काली पट्टी जो उनके द्वारा द्विग्भ्रमित के लिए हमारे आँखों पर बंधी गयी है उससे भ्रमित होते रहे है और अपने आर्यावर्त के खंड खंड को खोते रहे हैं |
किन्तु अब नहीं !
- आकाश आर्यावर्त
