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Oct 14, 2020

चाय पर चलोगे ( एक अधूरा स्वप्न संस्मरण )

जब कोई खास अपना पूछता है "चाय पियेंगे..?"

तो बस ये नहीं पूछता वो तुमसे की दूध ,चीनी और चायपत्ती
को उबालकर बनी हुई एक कप चाय के लिए।
वो पूछना चाहता हैं...

akasharyavart



क्या आप बांटना चाहेंगे !
कुछ चीनी सी मीठी यादें ,
कुछ चायपत्ती सी कड़वी ,
दुःख भरी बातें..?
वो पूछना चाहता है..

क्या आप चाहेंगे बाँटना मुझसे !

अपने कुछ चाय के पत्ते से कडवे अनुभव, कुछ टूटे सपने , कुछ दर्द , कुछ आंसू ...?

मुझसे कुछ चीनी सी मीठी नयी आशाएं ,कुछ नयी उम्मीदें , कुछ नए सपने , कुछ नए प्यारे से ख्वाब ..?

उस एक प्याली चाय के

साथ वो बाँटना चाहता हैं.. अपनी जिंदगी के वो पल
तुमसे जो "अनकही" है अब तक
वो दास्ताँ जो "अनसुनी" है अब तक
वो दर्द जो " नासूर सा छिपा हुआ है " अब तक
वो ख्वाब जो " अनछुए " हैं अब तक
वो सपने जो " अधूरे " हैं अब तक
वो कहना चाहता है..

तुमसे ..तमाम किस्से जो सुना नहीं पाया अपनों को कभी..

वो बताना चाहता है ....

तुमसे....तमाम वो दर्द-घुटन जो दिखा नहीं पाया अपनों को कभी ....


एक प्याली चाय के साथ वो अपने उन टूटें और खत्म हुए ख्वाबों को
" एक और बार जी लेना चाहता है" ।

वो उस गर्म चाय के प्याली के साथ उठते हुए धुओँ के साथ अपनी सारी फ़िक्र उड़ा देना चाहता है।

इस दो कप चाय के लिए इन्तजार करना है हमें...............और फिर खुद को तैयार भी तो करना है ना !

फिर उसके साथ शायद इतनी बातें करनी हैं की वो जिंदगी भर के लिए अपना हो जाये ,
फिर साथ देने है एकदूसरे के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए जो अबतक अधूरे रह गए होंगे ,
फिर एक ख्वाब सी जिन्दगी जो अधूरी होगी दोनों की उसे जी लेनी है ,
वो अजनबी जो कभी नहीं मिले होंगे एकदूसरे से वो एकदूसरे के हमेशा - हमेशा के लिए हो जायेंगे ,

एकदूसरे के .....

अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए ,
टूटे हुए ख्वाबो को जोड़ने के लिए ,
एकदूसरे के लिए जिंदगी को जी लेने के लिए ,

अच्छा है न कितना अजीब !

जाने क्या - क्या नौटंकी चलती है इस बावरी सी पागल और अनछुई , लेकिन प्यारी ख्वाबो की दुनियां में

खैर .......
जिन्दगी का क्या भरोसा कब अलबिदा कह दे और हम यूँ ही बस सपनों वाली अधूरी प्रेम कहानी यही लिखते रहें |
इसीलिए मन मे कुछ नही रखा कीजिए ,
ये मधुर यादें ही जीने की वजह होती है ,
जिन्दगी दुबारा से नहीं मिलती जीने के लिये ,
तो प्यार की ऐसे अनमोल अहसास को किसी कचरे इन्सान के लिए मत लुटा देना ,

" प्यार ऐसा करना की तम्हे खुद पर गुमान हो और हिंदी में बोले तो अभिमान हो "


न की मूर्ख बनकर घडियाली आशु बहाना पड़े या खुद की जिंदगी का मजाक बनता हुआ देखना पड़े  या खुद को ठगा महसूस करना पड़े .........वो सड़कछाप प्यार भी मत कर बैठना की देखा और प्यार हो गया


प्रतीक्षा करना उस सच्चे प्यार के आने का जो जिंदगी भर के लिए तुम्हारा हो जाये .......जो तुम्हारे सपनों को साथ पूरा करना चाहे .............जो तुम्हारे साथ अपनी और तुम्हारे जिंदगी के हर ख्वाब को जी लेना चाहे .............. तुम्हे जिंदगी भर के लिए अपना बना लेना चाहे .........जो अपने बातों पर मर - मिटने वाला हो ..................जिसके वादे सच्चे हो ....................और जब वो मिले तो उसमे उसका होकर उसे अपना जीवन बना लेना |

अब हम चलते है चाय पिने ......खुले आसमान के निचे ..........चिड़ियों के चहचाहट के बीच

आखिर हम खुद से भी तो सच्चा प्यार करते हैं भाई !

खुद के सपनों के लिए मरते और जीते हैं......खुद का साथ देते हैं ..........खुद से कभी झूठ नहीं बोलते.....खुद को कभी धोखा नहीं देते......खुद से किये हर वादे मरकर भी पूरा करते हैं .....खुद के सपनों लिए दुनिया की भी परवाह नहीं करते

तो
दुनियाभर की नौटंकी बाद में पहले आयुर्वेदिक चाय बोले तो भगवा टी ( भगवा चाह - अवधी ) पिते हैं .... और जीते हैं खुद के खुद से प्यार के साथ


- आकाश आर्यावर्त