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Oct 9, 2020

वैदिक कर्मवीर आर्य

आपने हिन्दू होने के लिए क्या किया ?

पैदा हुए और बन गए हिन्दू !

और मुगलों - अंग्रेजों द्वारा थोपी गयी जात भी  मुफ्त  में  मिल गयी 


बन गए पटेल - चौधरी - सिंह - राय - त्रिवेदी  वगैरह  !


अरे जब  प्रभु श्री राम ने , प्रभु श्री कृष्ण ने , रावन ने , अशोक महान ने , बिन्दुशार आदि  ने जब जातिगत उपनाम नहीं प्रयोग किया तो ये कहाँ से पैदा हो गए उपनाम ?


हिन्दू होनेमे न कोई गर्व की बात है न कुछ ख़ास है , आपने क्या किया हिन्दू बनने के लिए ?

जन्म लिया बन गए हिन्दू !

आर्य होना ही केवल परम गर्व की बात है , क्यूँकी कोई आर्य पैदा नहीं होता |

आर्य बनते है स्वयं के शुद्ध कर्मो से !

आर्य बनते हैं त्याग व् आहुतियों से !


आर्य बना जाता है कठिन आभ्यास से !

आर्य वो है जो
पारिस्थितिकी अग्नि में तपकर मजबूत बनता है !

आर्य अर्थात श्रेष्ठ

श्रेष्ठ .....विद्या में

श्रेष्ठ ....युद्ध में

श्रेष्ठ .......व्यवसाय में

श्रेष्ठ .......सेवा भाव में

श्रेष्ठ .....शास्त्रार्थ में

श्रेष्ठ ......तर्क -निति में

श्रेष्ठ .........चरित्र में

श्रेष्ठ ........संस्कार में

श्रेष्ठ ..........नैतिकता में






केवल आर्य परिचय ही काफी है |

कर्म-प्रधान समाज बनाना है तो जन्म-आधारित संकल्पना छोड़ो , कर्म- प्रधान संकल्पनाए ही उपयोग में लावो |

आर्य बनो .. फिर कही "गर्व से कहो मै ही आर्य हूँ "

और हमेशा आर्य बने रहनेका प्रयास करो और राष्ट्र को पुनः आर्यावर्त में पुनर्स्थापित करो ..........महान आदर्शों के लिए जियो और महान आदर्शों की स्थापना के लिए मृत्यु का वरण करो |

यही आर्यवीर का परम कर्तव्य है

महानता ..........आर्यवीर का ध्येय और ध्यान है

विपदाएं ............आर्यवीर के व्यक्तित्व का चरित्र निर्माण है

मृत्यु ...........आर्यवीर के नवजीवन का उत्थान है



- आकाश आर्यावर्त




(वामपंथी - षड्यंत्रकारी  इतिहासकार आये और बना दिया मौर्य साम्राज्य - गुप्त साम्राज्य जबकि किसी भी उत्तरोत्तर शासक के नाम में कोई जातिगत उपनाम ऐतिहशिक दस्तावेज में नहीं मिलते ना कोई साक्ष्य .......हरा दिया महान पोरस को .........बाँट दिया साम्राज्यों को जात में ..........बना दिया हमें मानसिक गुलाम ..............अरे यह नए युद्ध का समय है ......यहाँ आपके दिमाग से खेला जायेगा ............आपकी जानकारी से खेला जा रहा है .........आपके विश्वाश से खेला जा रहा है ........आपकी संस्कृति से खेला जा रहा है ......बिना हथियार उठाये आपको हराया जा रहा है .............आपकी उस संस्कृति को मिटाया जा रहा है जिसके लिए आपके -मेरे  पूर्वजों ने कभी अपने मस्तष्क कटाए थे ..........और ये सब चरणबद्ध ढंग से हो रहा है...........

एक बहुआयामी युद्ध  ! )